इंदौर नगर निगम चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : SC-ST आरक्षण स्थायी, OBC के लिए रोटेशन जारी रहेगा

इंदौर (प्रतिक विश्वकर्मा)। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इंदौर नगर निगम चुनाव को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम के 85 वार्डों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण स्थायी रहेगा, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का आरक्षण रोटेशन प्रणाली के तहत लागू किया जाएगा।
यह निर्णय हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के तीन साल पुराने आदेश को पलटते हुए आया है, जिसमें कहा गया था कि SC-ST के वार्ड भी OBC की तरह घुमाव प्रणाली (रोटेशन) से तय किए जाएं। डिवीजन बेंच ने इस आदेश को अव्यवहारिक मानते हुए स्पष्ट कर दिया कि संविधानिक प्रावधानों के तहत SC-ST वर्ग को निश्चित वार्डों में आरक्षण दिया जाना न्यायोचित है, ताकि उनकी प्रतिनिधित्व की निरंतरता बनी रहे।
क्या था मामला...?
2019 में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा था कि OBC की तरह SC-ST के लिए आरक्षित वार्डों को भी हर चुनाव में बदला जाए, जिससे सभी क्षेत्रों में सामाजिक न्याय की समानता बनी रहे। इस पर सरकार सहित कई जनप्रतिनिधियों और संगठनों ने आपत्ति जताई थी।
डिवीजन बेंच का तर्क
डिवीजन बेंच ने कहा...
> "अनुसूचित जाति और जनजाति की जनसंख्या नगर निगम क्षेत्र में सीमित स्थानों पर केंद्रित है, ऐसे में रोटेशन की व्यवस्था उनके हितों के विरुद्ध जा सकती है।"

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी दोहराया कि OBC आरक्षण संवैधानिक रूप से पिछड़ेपन और प्रतिनिधित्व की असमानता को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है, और इसे रोटेशन के तहत जारी रखा जाना चाहिए।

अब आगे क्या...?
• इंदौर नगर निगम में SC-ST आरक्षण यथावत रहेगा... 
• OBC वार्ड हर चुनाव में बदले जाएंगे...
• राज्य निर्वाचन आयोग को अब इसी आधार पर आगामी चुनाव प्रक्रिया तैयार करनी होगी...

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया... 
इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। जहां दलित और आदिवासी संगठनों ने इसे सकारात्मक बताया, वहीं OBC वर्ग से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों ने इस पर पुनर्विचार की मांग की है। यह फैसला न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश में नगर निगम चुनाव प्रक्रिया की दिशा तय कर सकता है।

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